*फतेहपुर मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सर्जरी की सुविधा शुरू, दूरबीन विधि से होंगे कई ऑपरेशन*

 

*किडनी की पथरी से लेकर बच्चेदानी की गांठ तक का इलाज होगा आसान, कम दर्द और जल्द रिकवरी की उम्मीद*

पंकज कुमार अग्रहरि|फतेहपुर
जिले के मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में एक अच्छी पहल हुई है। अलीपुर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब दूरबीन विधि से विभिन्न बीमारियों के ऑपरेशन किए जाने की सुविधा शुरू की गई है। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से किडनी की पथरी, पित्त की थैली की पथरी, प्रोस्टेट सहित कई अन्य समस्याओं का उपचार किया जा सकेगा। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलने के साथ ही ऑपरेशन के बाद होने वाली परेशानियों में भी कमी आने की उम्मीद है।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्य के अनुसार, संस्थान में किडनी, पित्त की थैली, मूत्रवाहिनी, पेशाब की थैली और नली से जुड़ी बीमारियों के अलावा प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, ओवरी में गांठ और बच्चेदानी में गांठ जैसी समस्याओं के ऑपरेशन भी दूरबीन तकनीक से किए जा रहे हैं।

छोटे चीरे से सर्जरी, मरीजों को मिल सकती है राहत

दूरबीन विधि से होने वाले ऑपरेशन में पारंपरिक सर्जरी की अपेक्षा बड़े चीरे की जरूरत कम पड़ती है। इस तकनीक में छोटे-छोटे छेद के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द और कम रक्तस्राव होने की संभावना रहती है। साथ ही, मरीज के जल्दी स्वस्थ होने और सामान्य दिनचर्या में जल्द लौटने में मदद मिल सकती है।

कई बीमारियों के उपचार में मिलेगी सुविधा

मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई इस सुविधा से किडनी की पथरी, पित्त की थैली की पथरी, मूत्रवाहिनी की समस्या, पेशाब की थैली और नली से संबंधित रोगों तथा प्रोस्टेट की बीमारियों के उपचार में मदद मिलेगी। इसके अलावा एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, ओवरी की गांठ और बच्चेदानी की गांठ के ऑपरेशन भी इस विधि से किए जा सकेंगे।

स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार की उम्मीद

प्राचार्य डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि दूरबीन विधि से की जाने वाली सर्जरी आधुनिक चिकित्सा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तकनीक का उद्देश्य ऑपरेशन के दौरान मरीज को कम परेशानी देना और उसके शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता करना है। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक उपचार का विकल्प मिलेगा।

इस पहल से मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किस मरीज के लिए दूरबीन विधि उपयुक्त होगी, इसका निर्णय बीमारी की स्थिति और चिकित्सकीय जांच के आधार पर किया जाएगा।

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