*अंगोछे और चप्पल के सहारे हत्यारोपितों तक पहुंचने में जुटी पुलिस*

 

*किसान हत्याकांड में पुलिस की जांच तेज, मोबाइल कॉल डिटेल और पारिवारिक विवाद समेत कई पहलुओं पर पड़ताल*

पंकज कुमार अग्रहरि | नरैनी/असौथर
फतेहपुर। मुर्गी फार्म संचालक सीताराम पाल की हत्या के मामले में पुलिस अभी तक आरोपितों तक नहीं पहुंच सकी है। घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर लाल रंग के अंगोछे और चप्पल की बरामदगी के बाद पुलिस उनकी पहचान और अन्य सुराग जुटाने में लगी है। हत्या के पीछे किसी परिचित या भाड़े के हत्यारों की भूमिका होने की आशंका को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

पुलिस शक के आधार पर करीबी लोगों और आसपास के संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। संचालक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने उनके बड़े बेटे और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई है।

असौथर थाना क्षेत्र के गढ़रियनपुरवा मजरे सातोंपीत गांव निवासी 65 वर्षीय सीताराम पाल मुर्गी फार्म संचालक और किसान थे। शनिवार रात उनकी हत्या कर दी गई थी। छोटे बेटे पैथालॉजी संचालक आकाश पाल की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

परिवार में गम का माहौल होने के कारण पुलिस घटना के एक दिन बाद परिजनों से पूछताछ करने पहुंची। इस दौरान आसपास के लोगों से भी जानकारी ली गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के पीछे क्या वजह रही और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

पुलिस जांच में आसपास के मोबाइल टावरों से जुड़े संदिग्ध नंबरों की पड़ताल भी शामिल है। पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे कृष्णपाल से घटना के संबंध में पूछताछ की। ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर संगीत सिस्टम बजाने और घटना के समय बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई देने जैसी बातों की भी जांच की जा रही है।

बताया गया कि घटना के समय बचाव की आवाज सुनाई देने के बाद फोन किए जाने की बात सामने आई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इंस्पेक्टर राजीव मिश्रा ने बताया कि पारिवारिक कलह, खेत के बंटवारे और पड़ोसियों से कहासुनी समेत विभिन्न बिंदुओं पर गंभीरता से छानबीन की जा रही है। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

देहरादून से आए बेटे ने दी मुखाग्नि

दिवंगत सीताराम पाल के पुत्र रजोल देहरादून से घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के बाद मृतक के पुत्र कृष्णपाल, हरिपाल, रुद्रपाल, रजोल, आकाश तथा बहुओं विमला देवी, शांति देवी, अनीता, सोनी देवी और विनिता से पूछताछ की गई। परिजनों के आने के बाद पुलिस वापस लौट गई।

गलत हरकत का विरोध करने की भी चर्चा जीवी 40 से अधिक मुर्गियां नहीं थीं और संचालक अंडे भी बेचते थे। पुलिस हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।

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