*2025-26 में 18,889 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण, ₹2,266.68 लाख की सहायता से ग्रामीण परिवारों को मिला सम्मान*
*ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मिली बेहतर सुविधा*
*अमित सिंह मोनू
बस्ती, 5 अगस्त।* स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद बस्ती में ग्रामीण स्वच्छता को नई दिशा मिली है। पंचायत राज विभाग द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप हजारों ग्रामीण परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे न केवल खुले में शौच की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगी है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन का वातावरण भी मजबूत हुआ है।
पंचायत राज विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10,114 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया, जिस पर ₹1,213.68 लाख की धनराशि व्यय की गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8,775 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराते हुए ₹1,053 लाख की वित्तीय सहायता लाभार्थियों को प्रदान की गई। इस प्रकार दोनों वर्षों में कुल 18,889 परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय उपलब्ध कराए गए तथा ₹2,266.68 लाख की सहायता प्रदान की गई।
व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण से ग्रामीण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक सुविधा मिली है। पहले जहां कई परिवारों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता था, वहीं अब घरों में शौचालय बनने से सुरक्षा, गोपनीयता और सम्मान सुनिश्चित हुआ है। साथ ही स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का उद्देश्य केवल शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप देना भी है। इसी उद्देश्य से पंचायत राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिससे लोग स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बना सकें।
जनपद बस्ती में मिशन के तहत प्राप्त उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। पंचायत राज विभाग के प्रयासों से गांवों में स्वच्छ वातावरण विकसित हो रहा है और ग्रामीणों का जीवन स्तर लगातार बेहतर बन रहा है। आने वाले समय में भी विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ पहुंचाकर स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मसम्मान से परिपूर्ण ग्रामीण समाज का निर्माण करना है।
