फतेहपुर। जनपद में हरे एवं जीवित पेड़ों की कटान को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हरे पेड़ों की कटान पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच की मांग को लेकर विमलक्ष्मी सामाजिक परिवर्तन ट्रस्ट ने अपर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से पुलिस अधीक्षक को भी ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
मामला थाना राधानगर क्षेत्र के ग्राम सोनही के मुराइन पुरवा स्थित एक पुराने बाग से जुड़ा बताया जा रहा है। बाग में आम, महुआ, नीम और जामुन सहित करीब 20 पेड़ मौजूद हैं। आरोप है कि इनमें से कई हरे पेड़ों की कटान हो चुकी है, जबकि अन्य पेड़ों पर भी कटान का खतरा बना हुआ है।
ट्रस्ट ने प्रशासन से राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके की जांच, पेड़ों का सत्यापन और नियम विरुद्ध कटान पाए जाने पर संबंधित लोगों के ऊपर कार्यवाही की मांग की है।
शिकायत के बाद वन विभाग की ओर से कार्यवाही किए जाने की जानकारी सामने आई है। विभाग द्वारा दो जामुन के पेड़ों के मामले में ₹16 हजार का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई के अनुसार रासुक पुत्र जाखिर, निवासी अंदौली, थाना राधानगर पर यह जुर्माना किया गया है।
हालांकि, ट्रस्ट का सवाल है कि क्या केवल जुर्माना लगाने से हरे पेड़ों की कटान पर रोक लग सकेगी? जब पेड़ मालिक और ठेकेदार दोषी है तो उन पर मुकदमा क्यों नहीं लिखा जा रहा अगर इसी तरीके मुकदमा नहीं लिखा जाएगा ठेकेदार व पेड़ मलिक के हौसले बुलंद रहेंगे और पेड़ काटते रहेंगे
वही पुलिस अधीक्षक को दिए गए ज्ञापन के बाद अब मामले में पुलिस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। ट्रस्ट ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर पेड़ मालिक और संबंधित ठेकेदार की भूमिका भी सामने लाई जाए।
फिलहाल वन विभाग की प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मामला चर्चा में है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और पुलिस की जांच कहां तक पहुंचती है और क्या शेष पेड़ों को कटान से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या फतेहपुर में हरे पेड़ों की कटान पर पूरी तरह रोक लग पाएगी, या कार्रवाई सिर्फ जुर्माने तक ही सीमित रह जाएगी?
