मिशन अफ्रीका: घाना और कोटे डी आइवर के बाद इथियोपिया पहुंचे जयशंकर

अदीस अबाबा। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अदीस अबाबा में इथियोपिया के अपने समकक्ष गेदियन टिमोथिवोस हेसेबोन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। डॉ. जयशंकर की यह मुलाकात 6 से 10 अक्टूबर के बीच घाना, कोटे डी आइवर और इथियोपिया के आधिकारिक दौरे का मुख्य हिस्सा है।
इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी प्रमुख आयामों की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्री जयशंकर यहां रीजनल हेड्स ऑफ़ मिशन कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता भी करेंगे।
विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा भारत-इथियोपिया की रणनीतिक साझेदारी हमारी साझा सोच, समान लक्ष्यों और ऐतिहासिक ‘साउथ-साउथ’ एकजुटता पर आधारित है। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की, जिसमें व्यापार, निवेश, विकास परियोजनाओं से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, समुद्री मामलों, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और संस्कृति जैसे विषय शामिल थे। उन्होंने आगे लिखा वैश्विक घटनाक्रमों और हमारे बहुपक्षीय सहयोग तथा भारत-अफ्रीकन यूनियन साझेदारी को मजबूत करने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
डॉ. जयशंकर की यह यात्रा अफ्रीका महाद्वीप के साथ भारत के गहरे और समृद्ध होते ऐतिहासिक रिश्तों को रेखांकित करती है। इथियोपिया पहुंचने से पहले विदेश मंत्री ने अपनी यात्रा के दूसरे चरण में कोटे डी आइवर के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें कीं। वहीं, दौरे के पहले चरण में घाना प्रवास के दौरान कूटनीतिक संबंधों को संस्थागत रूप देने के लिए कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन तीनों देशों में भारत की यह सक्रियता अफ्रीका के बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल परिवर्तन और रक्षा क्षेत्रों में एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की कूटनीतिक सफलता को दर्शाती है।
डॉ. जयशंकर ने आबिदजान में कोटे डी आइवर की विदेश राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ बैठक में व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री टेने बिराहिमा ओट्टारा के साथ हमारी बढ़ती रक्षा साझेदारी पर बात की, जो आपसी भरोसे, क्षमता निर्माण और साझा हितों पर आधारित है। दोनों नेताओं ने रक्षा और आतंकवाद-विरोधी क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के मौकों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और संस्थागत आदान-प्रदान को बेहतर बनाना शामिल है। विदेश मंत्री जयशंकर ने यहां राष्ट्रपति अलासेन ओट्टारा से मिलकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से व्यक्तिगत शुभकामनाएं भी दीं।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा डॉ. जयशंकर की यह यात्रा अफ्रीका के साथ अपनी साझेदारी को गहरा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ भारत की एकजुटता को और मजबूत करेगी।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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