*यूपी के बस्ती में एक जनपद एक उत्पाद योजना बनी कारोबारियों की ताकत*

 

*2025-26 में ओडीओपी योजना के तहत 63 व्यक्तियों को मिला लाभ*

*स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 606.16 लाख रुपये का ऋण वितरण*

*अमित सिंह मोनू

बस्ती, 18 सितंबर।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना स्थानीय स्तर पर कारोबार को बढ़ावा देने और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बन रही है। बस्ती जनपद में योजना के माध्यम से कारोबारियों और उद्यमियों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कुल 63 लाभार्थियों को योजना का लाभ देते हुए 606.16 लाख रुपये का ऋण वितरित कराया गया। इससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ कारोबार को विस्तार देने में मदद मिली है।

ओडीओपी योजना का उद्देश्य जनपद के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करना, उनसे जुड़े कारीगरों, उद्यमियों और कारोबारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें अपने कारोबार को शुरू करने अथवा पहले से संचालित इकाई को आगे बढ़ाने में सहारा मिला है।
बस्ती में ओडीओपी योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए ऋण से कारोबारियों को पूंजी की जरूरत पूरी करने में मदद मिली है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आवश्यक संसाधन जुटाने और बाजार की मांग के अनुरूप कारोबार को विकसित करने का अवसर मिला है। योजना से जुड़े लाभार्थी अपने व्यवसाय को मजबूत करने के साथ परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
विभाग की ओर से योजना के पात्र लाभार्थियों को चयन प्रक्रिया के बाद ऋण उपलब्ध कराया जाता है। वित्तीय सहायता मिलने से स्थानीय उत्पादों से जुड़े छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों को कारोबार के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में सहूलियत हुई है। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने की दिशा में भी योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
दो वित्तीय वर्षों में 63 लाभार्थियों को कुल 606.16 लाख रुपये यानी करीब 6.06 करोड़ रुपये का ऋण वितरण इस बात को दर्शाता है कि ओडीओपी योजना के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया जा रहा है। योजना से लाभान्वित कारोबारी अपने कारोबार को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *