*निमार्णाधीन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क को दो फीट ऊंचा कराने की मांग *ग्रामीणों ने कहा- अभी सुधार हुआ तो वर्षों की समस्या होगी दूर
बड़हलगंज: विकासखंड के कछार क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पिड़हनी से बैरियाखास होते हुए सूबेदार नगर माझा तक सड़क बन रही है। बैरियाखास और मोहन पौहारिया के बीच महोबा टोला स्थित सरकारी ट्यूबवेल के पास करीब 500 मीटर हिस्से में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने सड़क को मौजूदा स्तर से करीब दो फीट ऊंचा करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण के इसी समय इस संवेदनशील हिस्से का उच्चीकरण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में बरसात के दौरान सड़क के डूबने और आवागमन बाधित होने की समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
ग्रामीणों के मुताबिक महोबा टोला के पास सड़क का करीब 500 मीटर हिस्सा बरसात के दिनों में जलभराव के चपेट में आ जाता है। आसपास क्षेत्र में पानी बढ़ने पर इस मार्ग से आवागमन मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क का निर्माण केवल पक्की सड़क बनाने तक सीमित न रहे, बल्कि क्षेत्र की भौगोलिक और बरसाती परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सड़क का पर्याप्त उच्चीकरण भी किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से सूबेदार नगर, जगदीशपुर, मोहन पौहरिया, महोबा टोला समेत आसपास के कई गांवों के लोगों का आवागमन होता है। सड़क के इस हिस्से पर पानी भरने की स्थिति में ग्रामीणों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। जलस्तर अधिक बढ़ने पर नाव अथवा स्टीमर ही एकमात्र विकल्प रह जाता है।
वर्तमान समय में सड़क निर्माण कार्य चल रहा है और यही समस्या के स्थायी समाधान का सबसे उपयुक्त अवसर है। यदि अभी सड़क की ऊंचाई करीब दो फीट बढ़ा दी जाती है तो भविष्य में जलभराव से होने वाली परेशानी काफी हद तक रोकी जा सकती है।ग्रामीणों का तर्क है कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद यदि जलभराव की समस्या सामने आती है और फिर सड़क को ऊंचा करने की जरूरत पड़ती है तो अतिरिक्त धनराशि खर्च होगी, निर्माण कार्य भी प्रभावित होगा और ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशानी उठानी पड़ेगी। इसलिए निर्माण के दौरान ही आवश्यक सुधार कर देना जनहित और विभाग दोनों के लिए बेहतर होगा। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों और जिम्मेदार कार्यदायी संस्था से मांग की है कि सड़क निर्माण पूरा होने से पहले करीब 500 मीटर जलभराव वाले हिस्से का गंभीरता से परीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सड़क को करीब दो फीट ऊंचा किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि आज लिया गया यह छोटा-सा निर्णय कल बरसात में हजारों लोगों की बड़ी परेशानी को रोक सकता है।
