इलाज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों की होगी पड़ताल
प्रांजल श्रीवास्तव
![]()
संतकबीरनगर। जिला कारागार में बंदी टुनटुन की मौत के मामले में एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पांच डॉक्टरों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है। इलाज के दौरान दर्ज किए गए तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए विरोधाभासी बिंदुओं की पड़ताल के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी, जेल अस्पताल और पोस्टमार्टम पैनल से जुड़े चिकित्सकों से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी। सभी चिकित्सकों को सोमवार तक कलक्ट्रेट स्थित एडीएम कार्यालय में पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस पाने वालों में 28 सितंबर को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में टुनटुन का इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ. रोहित पांडेय, जेल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. देश दिनकर त्रिपाठी और डॉ. हेमंत नायक शामिल हैं। वहीं, पोस्टमार्टम पैनल में शामिल डॉ. एम. फारुकी और डॉ. सुनील कुमार को भी बयान के लिए बुलाया गया है। एडीएम सत्य प्रकाश ने बताया कि सभी के बयान सोमवार तक दर्ज किए जाएंगे। एसआईटी ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी के सीसीटीवी फुटेज और संबंधित अभिलेख भी जुटाए हैं। अब चिकित्सकों के बयानों का इन रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि टुनटुन को जेल से अस्पताल लाए जाने के समय उसकी स्थिति कैसी थी, इमरजेंसी में किस तरह का उपचार दिया गया और पोस्टमार्टम के दौरान किन तथ्यों की पुष्टि हुई। इससे इलाज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए विरोधाभासी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
