*प्रधानमंत्री कुसुम योजना से किसानों को मिल रही ऊर्जा सुरक्षा*

 

*दो वर्षों में 201 किसानों को मिला पीएम-कुसुम योजना का लाभ*

*सौर ऊर्जा से सिंचाई को बढ़ावा और किसानों की लागत में कमी की राह हुई आसान*

*अमित सिंह मोनू

बस्ती, 20 अगस्त।* प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना जिले के किसानों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और सिंचाई के क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आई है। योजना के माध्यम से किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे खेती में बिजली और डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ ही सिंचाई की लागत घटाने में मदद मिल रही है।
जनपद बस्ती में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कुल 201 किसानों को पीएम-कुसुम योजना का लाभ मिला है। योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंपों की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सोलर पंप से किसान दिन में सूर्य की रोशनी का उपयोग कर खेतों की सिंचाई कर सकते हैं, जिससे बिजली की उपलब्धता पर निर्भरता कम होती है।
किसानों के लिए सिंचाई खेती की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल है। डीजल पंप से सिंचाई करने पर लगातार ईंधन का खर्च उठाना पड़ता है, जबकि बिजली से चलने वाले पंपों के सामने बिजली आपूर्ति की समस्या रहती है। ऐसे में सौर ऊर्जा आधारित पंप किसानों को वैकल्पिक और टिकाऊ ऊर्जा का साधन उपलब्ध कराते हैं। इससे फसलों की जरूरत के अनुसार समय पर सिंचाई करना आसान होता है।
पीएम-कुसुम योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से कृषि क्षेत्र में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ रहा है। खेतों में सोलर पंप लगने से किसानों को सिंचाई के लिए डीजल की खरीद पर होने वाले खर्च से राहत मिलने की संभावना रहती है। इससे खेती की कुल लागत कम करने में भी मदद मिलती है।
इस योजना से लाभान्वित किसान सौर ऊर्जा का उपयोग कर अपनी सिंचाई व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बना रहे हैं। वहीं, कृषि विभाग की ओर से किसानों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने तथा पात्र किसानों को इसका लाभ दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच पीएम-कुसुम योजना को किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। बस्ती में दो वर्षों में 201 किसानों तक योजना का लाभ पहुंचना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई के विस्तार से किसानों को ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ खेती की लागत कम करने में और सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

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