आरपीएफ का ‘ऑपरेशन अमानत’ और ‘बचपन बचाओ’ अभियान, लावारिस बच्चों को अपनों से मिलाया और लौटाया यात्रियों का सामान

संतोष सिंह विशेष संवाददाता 

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे की सुरक्षा में तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) लगातार मुस्तैदी बरतते हुए न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति भी तत्पर है। ‘बचपन बचाओ’ अभियान और ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत आरपीएफ ने पिछले कुछ दिनों में कई सराहनीय कार्य किए हैं।

आरपीएफ ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों से लावारिस हालत में मिले तीन बच्चों को सकुशल बरामद किया ।
​02 मई को गाड़ी संख्या-15203 में ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) द्वारा 5 और 8 वर्ष के दो लावारिस लड़कों को आरपीएफ बस्ती को सौंपा गया और आरपीएफ लखनऊ सिटी द्वारा प्लेटफार्म संख्या-01 पर 16 वर्षीय एक किशोर को लावारिस हालत में पाया गया।
इन सभी बच्चों को उचित पूछताछ के बाद सुरक्षा के लिए ‘चाइल्ड लाइन’ के सुपुर्द कर दिया गया।

‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत आरपीएफ ने यात्रा के दौरान भूले हुए यात्रियों का कीमती सामान वापस उनके मालिकों तक पहुँचाया। आरपीएफ ने लखनऊ जंक्शन, गोरखपुर छावनी, गोंडा, गोरखपुर, लालकुआं और कन्नौज स्टेशनों पर यात्रियों के छूटे हुए कुल 7 बैग और 1 मोबाइल सुरक्षित बरामद किए। इन सामानों को संबंधित पोस्ट पर रखा गया और बाद में वास्तविक मालिकों के पहचान सत्यापन के बाद उन्हें सुपुर्द कर दिया गया।

सुरक्षा के मोर्चे पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, आरपीएफ एवं टास्क टीम गोरखपुर ने गाड़ी संख्या-20104 में छापेमारी की। इस दौरान ट्रेन में लावारिस हालत में रखी गई 421 बोतल अमानक (अवैध) पानी बरामद कर उसे जब्त किया गया।
​रेलवे सुरक्षा बल की इस सक्रियता की यात्री सराहना कर रहे हैं। आरपीएफ का कहना है कि रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा उनकी प्राथमिकता है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा

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