राकेश कुमार सिंह बिहड़ जंगल मे रहने वाला बाघ को यह पता है कि जंगल मे घूमने वाला व्यक्ति उसका दुश्मन है या दोस्त ! कतरनियाघाट वन्य जीव विहार के प्राकृतिक वन मे तैनात कुछ वॉचर वनकर्मी का मानना है कि जंगलो मे बाघ किस जगह के झाड़ियों मे अपना रिहायसी बनाया हुआ है ये किसी को पता नहीं होता है, जबकि वह उस जंगल मे घूमने वालो पर पूरी नजर रखता है !
लोगो का मानना है कि प्रतिदिन ज़िस भी व्यक्ति को वन मे बाघ देखता है और उसे लगता है कि यह व्यक्ति रोज वन मे रहता है और कोई नुकसान नहीं कर रहा है तो वो दोस्त ही है ! यही वजह कभी कभी चौकीदारी या वाच करने के दौरान बाघ और वो वाचर आमने सामने भी अचानक बाघ के सामने आ जाते है तो बाघ आक्रमण नहीं करता
जंगल का राजा बाघ भी जानता कौन दोस्त है और कौन दुश्मन?
