*वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक जनपद बस्ती में 311 अमृत सरोवर विकसित*
*ग्रामीण सौंदर्यीकरण को मिला बढ़ावा, गांवों में बढ़ रही पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता*
अमित सिंह मोनू / *बस्ती 29 मई।* जनपद बस्ती में केंद्र एवं योगी सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। योजना के अंतर्गत एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले जलाशयों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक जिले में कुल 311 अमृत सरोवर विकसित कराए जा चुके हैं, जिससे गांवों में जल संचयन की क्षमता बढ़ने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी नई दिशा मिली है। 
इस योजना के तहत सरोवरों की खुदाई तीन मीटर गहराई तक कराई जाती है ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। इसके साथ ही आवश्यकता अनुसार इनलेट और आउटलेट का निर्माण कराया गया है, जिससे जल निकासी एवं संरक्षण की व्यवस्था बेहतर हो सके। कई स्थानों पर घाट निर्माण और सरोवर के चारों ओर पाथ-वे बनाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और दैनिक उपयोग में सुविधा मिल रही है।
अमृत सरोवरों के आसपास अमृत वन का रोपण भी कराया जा रहा है। पौधरोपण से जहां हरियाली बढ़ रही है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। सरोवरों पर फ्लैग पोस्ट और सौंदर्यीकरण कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान और आकर्षण भी बढ़ा है।
अमृत सरोवर योजना का लाभ किसानों और ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रूप से मिल रहा है। जल स्तर में सुधार होने से सिंचाई की सुविधा मजबूत हुई है तथा पशुओं के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। ग्राम पंचायतों में विकसित ये सरोवर अब जल संरक्षण के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता के प्रतीक बनते जा रहे हैं।
