
गोरखपुर। गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद भावुक और सुखद मामला सामने आया है। पीपीगंज पुलिस ने दो साल से लापता एक बच्चे को न केवल सकुशल बरामद किया, बल्कि उसे उसके असली माता-पिता से मिलवाकर एक मिसाल पेश की है। बच्चे को देखकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
मामला 28 जून 2024 का है। वादी अपनी पत्नी को प्रसव के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर घर ले जा रहे थे। रास्ते में नवजात शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में वादी ने एक परिचित व्यक्ति को बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी दी और स्वयं अपनी पत्नी को घर छोड़ने चले गए। लेकिन, जब वादी वापस अस्पताल पहुंचे, तो वहां न तो बच्चा था और न ही वह परिचित व्यक्ति। बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में कोहराम मच गया था।
घटना के बाद से ही पुलिस इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी थी। थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 196/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज के पर्यवेक्षण में पीपीगंज पुलिस ने जाल बिछाया। लंबी जद्दोजहद के बाद, 8 जून 2026 को पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, जिस दंपत्ति ने इन दो सालों तक बच्चे को पाला था, वे और उनकी बेटियां भी बच्चे के बिछड़ने की खबर सुनकर काफी भावुक नजर आईं। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया और हक के आधार पर पुलिस ने बच्चे को उसके असली माता-पिता को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
इस मासूम बच्चे को तलाशने और उसके माता-पिता तक पहुंचाने वाली पीपीगंज थाने की टीम में उपनिरीक्षक राज कुमार, कांस्टेबल राजेश यादव और महिला कांस्टेबल रितु कश्यप शामिल रहे। पुलिस की इस तत्परता की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
