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@शाश्वत_तिवारी
मानसून हर वर्ष हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के सामने इंसान की शक्ति सीमित है। इसलिए बारिश को रोकना हमारे हाथ में नहीं, लेकिन उससे होने वाले नुकसान को कम करना निश्चित रूप से हमारे हाथ में है।
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मानसून की विदाई या https://saturdayvarta.com/weather-god/
भविष्य की तैयारी केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शहरों में बेहतर जलनिकासी, नालों की समय पर सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान, मजबूत सड़कें, पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित यात्रा व्यवस्था और समय पर मौसम चेतावनी, इन पर पहले से काम जरूरी है।
साथ ही हर नागरिक को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, भारी बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें।
प्रकृति को हम नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन समझदारी, सतर्कता और बेहतर तैयारी से उसके प्रकोप से होने वाले नुकसान को काफी कम कर सकते हैं।
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