वैश्विक होड़ के बीच आपसी निर्भरता एक बड़ी सच्चाई- जयशंकर

 

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के उच्च स्तरीय सप्ताह के समापन पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में प्रतिष्ठित एशिया सोसाइटी के मंच पर वैश्विक भू-राजनीति को लेकर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। विदेश मंत्री ने वर्तमान दुनिया की गंभीर और चुनौतीपूर्ण स्थिति का खाका खींचते हुए विभिन्न वैश्विक संघर्षों और विकासशील देशों पर पड़ रहे इसके आर्थिक दुष्प्रभावों पर खुलकर बात की।
अपने संबोधन में डॉ. जयशंकर ने कहा कि दुनिया आज बेहद कठिन दौर से गुजर रही है। यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अफ्रीका (सूडान) में जारी जंग का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि इन टकरावों का असर उन देशों पर भी हो रहा है, जो सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं हैं। उन्होंने इसे ‘4एफ संकट’ का नाम दिया, जिसमें फूड (भोजन), फ्यूल (ईंधन), फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फाइनेंस (वित्त) की वैश्विक कमी व अस्थिरता शामिल है। इस संकट के कारण विकासशील और अल्पविकसित देश (ग्लोबल साउथ) सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं और उनके सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्रगति धीमी पड़ गई है।
डॉ. जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा यूएन के ‘हाई लेवल वीक’ के आखिर में एशिया सोसाइटी में बात करके खुशी हुई। मैंने दुनिया के मुश्किल हालात, जिसमें कई टकराव और 4एफ (खाना, ईंधन, खाद और फाइनेंस) का संकट शामिल, पर अपनी बात की।
विदेश मंत्री ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को एक अनूठे विरोधाभास के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने रेखांकित किया कि आज जहां एक तरफ विभिन्न शक्तियों के बीच ‘अति-प्रतिस्पर्धा’ की भावना है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के देश एक-दूसरे पर ‘गहरी निर्भरता’ के लिए भी मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि कूटनीति अब एक ‘अत्यधिक जोखिम भरा खेल’ बन गई है, क्योंकि देश आर्थिक निर्भरता और बाजार पहुंच को दबाव बनाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। बहुध्रुवीयता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिरता के लिए एक संतुलित और बहुध्रुवीय व्यवस्था का होना अनिवार्य है।
इससे पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए विदेश मंत्री ने कई देशों के अपने समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। डॉ. जयशंकर ने अपनी एक पोस्ट में लिखा यूएन मुख्यालय में वेनेजुएला के विदेश मंत्री फेलिक्स प्लासेंसिया गोंजालेज के साथ अच्छी बैठक हुई। द्विपक्षीय सहयोग के अन्य क्षेत्रों के अलावा, हमारे ऊर्जा संबंध भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। हमने मौजूदा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।
साथ ही उन्होंने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बैठक की और भारत-कनाडा रिश्तों को और बेहतर बनाने पर सार्थक चर्चा की। डॉ. जयशंकर ने बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेंकोव और मेक्सिको के अपने समकक्ष रॉबर्टो वेलास्को अल्वारेज़ के साथ भी मुलाकात की।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Secret Link