*शादी अनुदान योजना से निर्धन परिवारों को मिली आर्थिक मदद*
*वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,679 और 2025-26 में 2,082 लाभार्थियों को मिला योजना का लाभ*
अमित सिंह मोनू स्वतंत्र पत्रकार *बस्ती, 12 सितंबर।* आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी की शादी का खर्च उठाना अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए योगी सरकार की ओर से संचालित शादी अनुदान योजना महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की इस योजना के माध्यम से बस्ती जिले में पिछले दो वित्तीय वर्षों में 3,761 परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे निर्धन परिवारों को बेटियों के विवाह में होने वाले खर्च का बोझ कम करने में मदद मिली है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,679 लाभार्थियों को शादी अनुदान योजना का लाभ दिया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 2,082 हो गई। इस तरह दो वर्षों में कुल 3,761 लाभार्थी परिवार योजना से लाभान्वित हुए। योजना का उद्देश्य पिछड़े वर्ग के ऐसे निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है, जिनके लिए बेटी की शादी का खर्च जुटाना मुश्किल होता है।
*बेटियों की शादी में आर्थिक मदद*
शादी अनुदान योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ मिलने से परिवारों को विवाह समारोह से जुड़े जरूरी खर्चों को पूरा करने में सहूलियत मिलती है। सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
*आवेदन से लेकर भुगतान तक पारदर्शी व्यवस्था*
इस योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए आवेदन, सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाती है। पात्रता पूरी करने वाले परिवारों को योजना में शामिल कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहयोग मिल रहा है।
*सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा सामाजिक सुरक्षा कवच*
योगी सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की कड़ी में शादी अनुदान योजना भी पिछड़े वर्ग के निर्धन परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का माध्यम बन रही है। बस्ती में दो वर्षों के दौरान 3,761 परिवारों को मिला लाभ इस बात का संकेत है कि योजना का दायरा जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है। बेटियों की शादी के समय मिलने वाली आर्थिक मदद से अभिभावकों को राहत मिल रही है और परिवारों को विवाह के खर्च की चिंता से कुछ हद तक निजात मिल रही है।
