*प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बस्ती में बढ़े स्वरोजगार के अवसर, 68 उद्यमियों को मिला 5.68 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण*

 

*बस्ती में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 68 लाभार्थियों को मिला ऋण समर्थन*

*पीएमईजीपी के तहत उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में युवाओं को वित्तीय सहायता, मार्जिन मनी अनुदान और उद्यमिता प्रशिक्षण का लाभ*

*अमित सिंह मोनू

बस्ती, 27 जून।* सीएम योगी सरकार के नेतृत्व में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना जनपद बस्ती में स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत बेरोजगार युवाओं, महिलाओं तथा इच्छुक उद्यमियों को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता, मार्जिन मनी अनुदान तथा उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल रही है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के इच्छुक व्यक्ति उद्योग अथवा सेवा क्षेत्र में अपना उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं। विनिर्माण (उद्योग) क्षेत्र में अधिकतम 50 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र में अधिकतम 20 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, बस्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 68 लाभार्थियों को 568.09 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इन लाभार्थियों को परियोजना लागत के अनुसार मार्जिन मनी अनुदान का भी लाभ प्रदान किया गया, जिससे उद्यम स्थापना का आर्थिक बोझ कम हुआ और नए व्यवसाय प्रारंभ करने में सहायता मिली।
इस योजना के माध्यम से जिले में विभिन्न प्रकार की विनिर्माण इकाइयों, सेवा प्रतिष्ठानों, मरम्मत केंद्रों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, रेडीमेड वस्त्र निर्माण, फर्नीचर, मोबाइल रिपेयरिंग तथा अन्य लघु उद्यमों की स्थापना को प्रोत्साहन मिला है। इससे न केवल लाभार्थियों को स्वरोजगार प्राप्त हुआ बल्कि स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार पीएमईजीपी के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को उद्यमिता विकास प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे व्यवसाय संचालन, वित्तीय प्रबंधन, विपणन और उत्पादन संबंधी आवश्यक जानकारियां प्राप्त कर सकें। प्रशिक्षण के माध्यम से उद्यमियों की क्षमता में वृद्धि होती है और उनके व्यवसाय के सफल संचालन की संभावनाएं बढ़ती हैं।
योजना में सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए निर्धारित अंशदान के साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग दरों पर मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग तथा अन्य विशेष श्रेणी के आवेदकों को नियमानुसार अधिक लाभ प्रदान किया जाता है।
जनपद प्रशासन ने पात्र युवाओं और इच्छुक उद्यमियों से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का लाभ उठाकर अपना उद्योग अथवा सेवा उद्यम स्थापित करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान कर रही है।

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