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*🟢संविदा कर्मचारियों की लिए नियमितीकरण नियमावली 2026 जारी करने पर हुई चर्चा*
*🟤कर्मचारियों की वित्त विभाग में लंबित मांगों पर भी हुआ विचार विमर्श*
*लखनऊ*। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी एवं महामंत्री अरुणा शुक्ला ने आज प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार करने, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए निगम का गठन किए जाने तथा प्रदेश के 12 लाख राज्य कर्मचारियों एवं 16 लाख पेंशनर्स को जनवरी 2026 से दो प्रतिशत बढ़े हुए महंगाई भत्ते की किस्त दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया की प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के बारे में सरकार विनियमितिकरण नियमावली 2026 का प्रख्यापन करें।
2001 के बाद नियुक्त कर्मचारियों शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कोई नियमावली जारी नहीं की गई है। हालांकि 30 अगस्त 2013 को सरकार ने एक आदेश जारी कर संविदा कर्मियों की नियुक्ति पर रोक लगा दिया था, लेकिन 2008 से 2017 के बीच ढाई हजार से अधिक संविदा कर्मियों की नियुक्ति कर दी गई ।
यह वह संविदा कर्मी है जिनको प्रसारित विज्ञप्ति के सापेक्ष एवं नियमानुसार गठित चयन समिति के माध्यम से नियुक्त किया गया है। सरकार इनको आठवें वेतन आयोग का लाभ तथा सरकारी कर्मचारियों की भांति ही महंगाई भत्ता एवं अन्य सुविधाएं प्रदान कर रही है। जे एन तिवारी ने वित्त मंत्री से संविदा पर नियुक्ति बंद करने का अनुरोध करते हुए अब तक नियुक्त संविदा कर्मियों को नियमित करने का अनुरोध किया है।
वित्त मंत्री जी ने संयुक्त परिषद के अध्यक्ष के प्रस्ताव की प्रशंसा करते हुए यथोचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने संविदा पर कार्यरत महिला शिक्षकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए महिला संविदा शिक्षकों एवं कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव दिए जाने का मुद्दा भी उठाया।
