*खरीफ 2025 में 45,052 किसानों को बीमा सुरक्षा से जोड़ा गया*
*रामादेवी, मालती देवी, सत्यनारायण सिंह समेत कई किसानों को मिला योजना का लाभ*
*अमित सिंह मोनू
बस्ती, 19 अगस्त।* प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता से किसानों की फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रयासरत है। इसी के तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बस्ती जनपद में किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों की फसलों को बीमा सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, ओलावृष्टि समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल प्रभावित होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहारा मिल सके।
जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 में 45,052 किसानों को बीमा सुरक्षा से जोड़ा गया है। वहीं रबी 2024-25 में 40,174 किसान बीमित रहे। इस तरह जिले में खरीफ और रबी दोनों मौसम में बड़ी संख्या में किसानों ने योजना का लाभ उठाकर अपनी फसल को जोखिम से सुरक्षित किया है।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान के बाद आर्थिक संकट से बचाना है। खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर होने के कारण कभी अत्यधिक बारिश, जलभराव तो कभी सूखा और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियां किसानों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं। ऐसे समय में फसल बीमा योजना किसानों को राहत प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बस्ती जनपद में योजना का लाभ पाने वाले किसानों में श्रीमती रामादेवी, श्रीमती मालती देवी, सत्यनारायण सिंह, ईश्वर दत्त और ध्रुवचंद समेत कई किसान शामिल हैं। लाभार्थी किसानों के लिए योजना ने फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति जागरूक करने के साथ ही समय से बीमा कराने के लिए प्रेरित किया जाता है। किसानों को फसल और मौसम के जोखिम को देखते हुए बीमा सुरक्षा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को यह भरोसा मिला है कि प्राकृतिक आपदा से फसल प्रभावित होने पर उनकी पूरी मेहनत और लागत पूरी तरह जोखिम में नहीं रहेगी। इससे खेती के प्रति किसानों का भरोसा बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने में भी मदद मिल रही है। बस्ती में हजारों किसानों का बीमा कवरेज इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
