वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 850 लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क कौशल एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण तथा उन्नत टूलकिट उपलब्ध कराई गई; हथकरघा उत्पादों के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में योजना बनी प्रभावी।
अमित सिंह मोनू
बस्ती। प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना जनपद बस्ती में हथकरघा उत्पादों से जुड़े युवाओं और कारीगरों के लिए स्वरोजगार का मजबूत आधार बन रही है। योजना का उद्देश्य जनपद के चिन्हित ओडीओपी उत्पाद से संबंधित कारीगरों, युवाओं एवं इच्छुक व्यक्तियों को तकनीकी दक्षता प्रदान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा हथकरघा क्षेत्र के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है।
योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क सामान्य तकनीकी एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान उत्पाद निर्माण की आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता सुधार, डिज़ाइन विकास, विपणन, पैकेजिंग तथा उद्यम संचालन की जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद लाभार्थियों को कार्य प्रारंभ करने के लिए उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे अपने कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान जनपद बस्ती में इस योजना के अंतर्गत 850 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सभी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के साथ आधुनिक टूलकिट भी उपलब्ध कराई गई, जिससे वे अपने कार्य को अधिक दक्षता और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ा सकें। योजना के माध्यम से अनेक युवा और पारंपरिक बुनकर परिवारों के सदस्य हथकरघा क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि उद्यमिता विकास पर भी विशेष बल दिया जाता है। प्रशिक्षुओं को व्यवसाय की योजना तैयार करने, लागत प्रबंधन, बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन, डिजिटल माध्यमों से विपणन तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की जानकारी भी दी जाती है। इससे लाभार्थी केवल कुशल कारीगर ही नहीं, बल्कि सफल उद्यमी बनने की दिशा में भी प्रेरित हो रहे हैं।
ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना का प्रमुख उद्देश्य हथकरघा उत्पादों की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। इससे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ उनकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ रही है। आधुनिक तकनीक और बेहतर उपकरण मिलने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है तथा पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिल रही है।
जनपद बस्ती में योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रशिक्षित लाभार्थी स्वरोजगार अपनाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। सरकार की यह पहल स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग को नई ऊर्जा देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के माध्यम से बस्ती में कौशल विकास, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है।
