*बस्ती में 23.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रयोगशाला एवं मंडलीय कार्यालय का निर्माण पूरा*
*खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता जांच होगी अधिक सटीक, त्वरित और प्रभावी*
अमित सिंह मोनू
*बस्ती, 30 अक्टूबर।* आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों एवं औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बस्ती मंडल में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है। योगी सरकार की पहल पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत 23.25 करोड़ रुपये की लागत से खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला तथा मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया है। इस नई व्यवस्था से मंडल में खाद्य पदार्थों और औषधियों की गुणवत्ता की जांच के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही विभागीय कार्यों के संचालन और निगरानी को भी व्यवस्थित आधार मिलेगा।
अब तक खाद्य पदार्थों और औषधियों के नमूनों की जांच के लिए विभाग को कई स्तरों पर निर्भर रहना पड़ता था। मंडल में प्रयोगशाला की स्थापना से नमूनों की जांच की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इससे खाद्य पदार्थों में मिलावट, निर्धारित मानकों के विपरीत गुणवत्ता और औषधियों की शुद्धता से जुड़े मामलों की जांच को गति मिल सकेगी। प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा एकत्र किए गए नमूनों की वैज्ञानिक तरीके से जांच करने की सुविधा विकसित होगी।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत बाजारों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और खाद्य निर्माण इकाइयों से समय-समय पर नमूने एकत्र किए जाते हैं। इनकी जांच के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन का आकलन किया जाता है। वहीं औषधि सुरक्षा के क्षेत्र में दवाओं की गुणवत्ता, मानक और उनकी शुद्धता की जांच उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मंडलीय स्तर पर प्रयोगशाला की सुविधा विभागीय कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी।
23.25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मंडलीय कार्यालय में विभागीय गतिविधियों के संचालन, अधिकारियों के समन्वय और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने का आधार तैयार हुआ है। इससे बस्ती मंडल के तीनों जनपदों बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में खाद्य एवं औषधि सुरक्षा से जुड़े कार्यों के समन्वय को भी सुविधा मिलेगी।
योगी सरकार की मंशा है कि नागरिकों को बाजार में सुरक्षित खाद्य सामग्री और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध हों। इसके लिए मिलावटखोरी और मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के साथ जांच व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। प्रयोगशाला और मंडलीय कार्यालय का निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण आधारभूत पहल है। इससे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा आमजन के स्वास्थ्य संरक्षण के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
