सीआईसीए समिटः भारत ने क्षेत्रीय संप्रभुता, अखंडता के सम्मान पर दिया जोर

 

बाकू/ विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अज़रबैजान के बाकू में आयोजित ‘कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरेक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेज़र्स इन एशिया’ (सीआईसीए) के 7वें शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। सम्मेलन में सदस्य देशों ने क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और एशिया में शांति को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए, विदेश राज्य मंत्री ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के भारतीय दर्शन और समावेशी तथा आम सहमति पर आधारित बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सीआईसीए की गतिविधियों में भारत की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित किया और सदस्य देशों से आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि सभी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाएं पारदर्शी, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और समावेशी होनी चाहिए, तथा उन्हें सभी सदस्य देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह से सम्मान करना चाहिए।
शिखर सम्मेलन में ‘बाकू घोषणापत्र’ को अपनाया गया। इसमें अन्य बातों के अलावा, एशिया में विकास हासिल करने के लिए विश्वास बहाली के उपायों के तहत कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण और सतत विकास के महत्व पर जोर दिया गया।
राज्य मंत्री सिंह ने अपने संबोधन के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा शांति, सहयोग, मित्रता और साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत के ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) के दृष्टिकोण पर जोर दिया। सभी सदस्य देशों से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
सीआईसीए के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत इस प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध है। भारत इसे पूरे एशिया में समावेशी संवाद, आम सहमति बनाने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानता है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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