विनीत पाण्डेय
गोरखपुर,गोरखपुर में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अमित निषाद के नेतृत्व में गुरुवार को 100 से अधिक कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने बांसगांव में हुई कथित बैठक में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी दिए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.
मीडिया से बातचीत में अमित निषाद ने कहा कि बीते दिनों गोरखपुर प्रेस क्लब में राम नगिना साहनी के साथ मारपीट और थप्पड़ मारने की घटना हुई थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया, इसी बीच बांसगांव में एक बैठक में डॉ. संजय निषाद के खिलाफ कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी धमकी दिए जाने और निषाद समाज को लेकर अभद्र टिप्पणी किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता आक्रामक तेवर में भी नजर आए। अमित निषाद ने डॉ. संजय निषाद के पूर्व बयान का हवाला देते हुए कहा कि उनका आशय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई से था और उन्होंने किसी जाति विशेष को लेकर यह बात नहीं कही थी। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और कानून के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ महिला कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं, प्रेस क्लब में हुई थप्पड़ कांड की घटना के बाद अब यह मामला राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है, निषाद पार्टी ने जहां इसे अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और निषाद समाज के सम्मान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.
बाइट –अमित निषाद, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष निषाद पार्टी.
