भा
राहुल सिंह
भागलपुर के प्रसिद्ध श्री श्री 1008 बड़ी महारानी, जिछो दुर्गा माता मंदिर में इस बार शारदीय नवरात्र से पहले ही आस्था का नया दृश्य देखने को मिल रहा है। विगत कई दिनों से संध्या काल में वरिष्ठ समाजसेवी श्री दीपक सिंह के द्वारा माँ भगवती को जलेबी व अन्य मिष्ठान का विशेष भोग लगाया जा रहा है, जो अनवरत रूप से आगे भी जारी रहेगा।मंदिर समिति के अनुसार, यह भोग सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि मनोकामना पूर्ण होने की आस्था से जुड़ा है। जिन श्रद्धालुओं की मनोकामना माँ के आशीर्वाद से पूर्ण होती है, उनके कल्याण हेतु और अन्य भक्तों की मनोकामना पूर्ति के लिए यह भोग अर्पित किया जा रहा है। शाम होते ही मंदिर में जलेबी और अन्य मिष्ठान की सुगंध से पूरा दरबार महक उठता है।
*60 वर्षों की विरासत में नई परंपरा:*
यह मंदिर स्व. रामदास सिंह जी द्वारा 60 वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था, जो आज भी ‘उद्धार करने वाली माता’ के नाम से प्रसिद्ध है। मुख्य महिषासुर मर्दिनी के ठीक पीछे वैष्णवी मां के दर्शन का दुर्लभ संयोग यहां मिलता है।
हर वर्ष की भांति इस बार भी दीपक सिंह जी के सौजन्य से मंदिर को दुल्हन की तरह फूलों, रोशनी और तोरण द्वार से सजाया जा रहा है। अब इस सजावट के साथ संध्या भोग की परंपरा जुड़ने से श्रद्धालुओं में और अधिक उत्साह है।जैसे ही पट खुलता है, गांव के हर घर से भीड़ उमड़ती है। तीन प्रखंडों से हजारों भक्त यहां आते हैं। इस बार भोग-प्रसाद की नई व्यवस्था से भक्तों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। समिति द्वारा डांडिया महोत्सव, महाआरती और रावण दहन की भी तैयारी पूरी कर ली गई है।
