
आदर्श सिंह विशेष संवाददाता
पीपीगंज, गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के मामले को लेकर पीपीगंज थाने में प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच एवं विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता आदर्श सिंह, अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा, पीपीगंज एवं योगी सेवक, ने थाना प्रभारी निरीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक माध्यमों से जानकारी मिली है कि AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित बयान अथवा वीडियो सार्वजनिक रूप से प्रसारित होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की नीतियों और राजनीतिक व्यक्तित्वों की आलोचना करने का अधिकार सभी को है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में किसी व्यक्ति के विरुद्ध कानून की सीमा का उल्लंघन करने वाली भाषा का प्रयोग उचित नहीं है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से संबंधित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट, लिंक, स्क्रीनशॉट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर उनकी सत्यता और स्रोत का पता लगाने की मांग की है। साथ ही जांच में यदि किसी संज्ञेय अपराध का गठन पाया जाता है तो भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम अथवा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत FIR दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि कथित बयान को सार्वजनिक रूप से प्रसारित अथवा साझा करने वाले संबंधित लोगों की भूमिका की भी कानून के अनुसार जांच की जाए, ताकि किसी भी प्रकार से कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो।
इस दौरान जिलामंत्री राकेश चौधरी, सभासद एवं हिंदू नेता दीपक सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष पीएन अग्रहरी, जिला कार्यसमिति सदस्य अनिल अग्रहरी, विशाल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहें.
