सीएम योगी की संवेदनशील पहल से दिव्यांग परिवार को मिला सहारा

चार दिव्यांग बच्चों वाले रामकिशन पांडे के परिवार को आवास से शिक्षा तक मिली सरकारी मदद, मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने प्राथमिकता से सुलझाईं समस्याए

 

 

कांशीराम आवास योजना के तहत मिला पक्का आशियाना, बच्चों के लिए व्हीलचेयर और बड़े बेटे अंकुर को दिव्यांग पेंशन की सुविधा; पढ़ाई के लिए बच्चों का कराया गया दाखिला, अंत्योदय राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र और उज्ज्वला गैस कनेक्शन की प्रक्रिया भी हुई पूरी

 

अमित सिंह मोनू स्वतंत्र पत्रकार
बस्ती 15 सितंबर
बस्ती में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच और जरूरतमंद परिवारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का असर एक ऐसे परिवार की जिंदगी में दिखाई दे रहा है, जिसके लिए रोजमर्रा की जिंदगी किसी चुनौती से कम नहीं थी। रामकिशन पांडे का परिवार लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहा था। परिवार में चार बच्चे दिव्यांग हैं। ऐसे में बच्चों की देखभाल, उनकी शिक्षा और परिवार के लिए सुरक्षित छत का इंतजाम करना रामकिशन के सामने बड़ी चुनौती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने इस परिवार की समस्याओं को गंभीरता से लिया और एक-एक कर जरूरतों का समाधान शुरू किया।

परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता सिर पर पक्की छत की थी। प्रशासन की पहल पर रामकिशन पांडे के परिवार को कांशीराम आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया गया। पक्का आशियाना मिलने के बाद परिवार की वर्षों पुरानी छत की चिंता दूर हुई। अब परिवार को मौसम की मार के बीच अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं करनी पड़ती।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जरूरतमंद और दिव्यांग परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को हमेशा प्राथमिकता दी है। इसी संवेदनशीलता के तहत प्रशासन ने परिवार के दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को भी समझा। बच्चों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके आवागमन में सहूलियत हुई। परिवार के बड़े बेटे अंकुर को दिव्यांग पेंशन की सुविधा भी दिलाई गई, ताकि उसे नियमित आर्थिक सहायता मिल सके।

बच्चों की शिक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री की सोच का असर इस परिवार तक पहुंचा। आर्थिक कठिनाइयों के कारण जिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती थी, उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बच्चों का एडमिशन कराया। इससे परिवार को भरोसा मिला कि दिव्यांगता बच्चों के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी और उन्हें शिक्षा का अधिकार मिल सकेगा।

परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सहायता भी सुनिश्चित की गई। अंत्योदय राशन कार्ड की सुविधा के साथ परिवार का आय प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके अलावा स्वच्छ ईंधन की सुविधा के लिए उज्ज्वला गैस कनेक्शन की प्रक्रिया भी पूरी हुई। यानी मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने केवल एक समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि परिवार की जरूरतों को समग्र रूप से समझते हुए आवास, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, राशन और घरेलू सुविधा से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचाया।

रामकिशन पांडे के परिवार के लिए सरकारी मदद महज योजनाओं का लाभ नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में मिले उस भरोसे का नाम है, जिसने परिवार को आगे बढ़ने की उम्मीद दी है। चार दिव्यांग बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाले परिवार के लिए जब शासन और प्रशासन सहारा बनकर खड़ा हुआ तो उसकी जिंदगी में बदलाव की नई शुरुआत हुई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील पहल का संदेश भी यही है कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। दिव्यांगता, गरीबी या संसाधनों की कमी किसी परिवार के अधिकारों में बाधा न बने। बस्ती के रामकिशन पांडे के परिवार तक पहुंची मदद इसी संकल्प की तस्वीर पेश करती है—मुश्किल समय में सरकार परिवार के साथ खड़ी है और जरूरतमंदों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठा रही है।

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