*प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बस्ती में मत्स्य पालन को नई रफ्तार*

 

*185 लाभार्थियों को मिला योजना का लाभ, आधुनिक मत्स्य पालन से बढ़ी आय और रोजगार की संभावनाएं*

*दीप शिखा, सुप्रिया मौर्य समेत कई लाभार्थी बने सफल मत्स्य पालक*

*अमित सिंह मोनू

बस्ती, 14 अगस्त*। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से जनपद बस्ती में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिल रहा है। योजना के तहत अब तक जिले के 185 लाभार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के लिए लाभान्वित किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के साथ ही लोगों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर भी बढ़े हैं।
इस योजना का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन में वृद्धि, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपने स्तर पर रोजगार शुरू करने में मदद मिल रही है।
बस्ती में योजना से लाभान्वित प्रमुख लाभार्थियों में श्रीमती दीप शिखा पत्नी रमेश कुमार तिवारी, ग्राम पलिवारपुर, कप्तानगंज, श्रीमती सुप्रिया मौर्य पत्नी सत्येंद्र कुमार मौर्य, ग्राम पलिवारपुर, कप्तानगंज तथा श्रीमती शशि प्रभा सिंह पत्नी आदर्श प्रताप सिंह, ग्राम पचदेवरी साहू सहित अन्य मत्स्य पालक शामिल हैं। इन लाभार्थियों ने योजना का लाभ लेकर मत्स्य पालन को आय के साधन के रूप में अपनाया है।
मत्स्य पालन के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। तालाबों के बेहतर उपयोग, वैज्ञानिक एवं आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने और उत्पादन बढ़ाने से लाभार्थियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है। साथ ही मत्स्य उत्पादन बढ़ने से बाजार में मछली की उपलब्धता भी बढ़ाने में मदद मिल रही है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की भागीदारी भी बढ़ रही है। योजना से जुड़े लाभार्थी मत्स्य पालन को पारंपरिक गतिविधि के बजाय व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में विकसित कर रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ रहे हैं।
जनपद में मत्स्य पालन की संभावनाओं को देखते हुए योजना के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। विभागीय प्रयासों से आने वाले समय में मत्स्य उत्पादन, रोजगार और ग्रामीण आय में और वृद्धि की उम्मीद है।

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