*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ माइक्रो इरिगेशन योजना से बस्ती में जल संरक्षण को मिला बढ़ावा*

 

*695 किसानों ने खेतों में आधुनिक सिंचाई प्रणाली किया स्थापित*

*40 से 50 प्रतिशत तक पानी की बचत, 35 से 40 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि की संभावना*

*अमित सिंह मोनू

बस्ती, 20 जुलाई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बस्ती में कृषि को अधिक लाभकारी, जल संरक्षण को प्रभावी और सिंचाई को आधुनिक बनाने की दिशा में पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरिगेशन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित इस योजना के माध्यम से किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे सीमित जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है और किसानों की उत्पादन लागत में भी कमी आ रही है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान कुल 695 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने खेतों में आधुनिक सिंचाई प्रणाली स्थापित की है। योजना के तहत पात्र किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे कम लागत में ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली स्थापित कर सकें।

*पानी की बचत के साथ बढ़ रही उत्पादकता*
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार माइक्रो इरिगेशन प्रणाली अपनाने से 40 से 50 प्रतिशत तक पानी की बचत संभव होती है। इस तकनीक में पौधों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में ही पानी पहुंचता है, जिससे पानी का अपव्यय नहीं होता। साथ ही खेतों में नमी का संतुलन बना रहता है और फसल को आवश्यक पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से मिलते हैं।
ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली से 35 से 40 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि की संभावना भी रहती है। इसके अलावा खरपतवार की समस्या कम होती है, उर्वरकों का उपयोग अधिक प्रभावी होता है तथा सिंचाई में श्रम और समय दोनों की बचत होती है।

*जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी पहल*

बदलते मौसम और घटते भूजल स्तर को देखते हुए माइक्रो इरिगेशन तकनीक जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम बन रही है। कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई होने से किसानों को सूखे जैसी परिस्थितियों में भी राहत मिलती है। विशेष रूप से सब्जियों, बागवानी, दलहन, तिलहन एवं अन्य नकदी फसलों में इस तकनीक के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
सरकारी अनुदान से बढ़ी किसानों की रुचि
योजना के अंतर्गत किसानों को निर्धारित मानकों के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इससे आधुनिक सिंचाई प्रणाली की लागत कम हो जाती है और छोटे एवं सीमांत किसान भी इस तकनीक को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। कृषि विभाग समय-समय पर किसानों को तकनीकी जानकारी एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी प्रोत्साहित कर रहा है।

*सतत कृषि को मिल रहा नया आधार*

पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरिगेशन योजना बस्ती में सतत एवं वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बन रही है। जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और लागत में कमी जैसे बहुआयामी लाभों के कारण किसानों का रुझान आधुनिक सिंचाई तकनीकों की ओर लगातार बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़कर जल संसाधनों के संरक्षण के साथ कृषि आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि जनपद में टिकाऊ एवं जल-संरक्षण आधारित कृषि व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

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